Category Archives: ‘अवैध ‘ या ‘विवाहेतर सम्बन्ध ‘

रिश्ते….वफ़ा… ऐतबार…तेज हवाओं में जैसे जलते चिराग

(चित्र सतीश पंचम जी के सौजन्य से ) कभी नहीं सोचा था, ‘अवैध ‘ या ‘विवाहेतर सम्बन्ध ‘ जैसे  विषय पर कभी कुछ लिखूंगी…इसलिए भी कि यह एक रोग मध्यम वर्ग से कुछ दूर ही रहता है. मध्यम वर्गीय पुरुष, … Continue reading

Posted in 'अवैध ' या 'विवाहेतर सम्बन्ध ' | 95s टिप्पणियाँ