Category Archives: कॉलेज

अब प्रस्तुत है मेरे और अरशद अली के कुछ शरारती कारनामे

फर्स्ट अप्रैल  से ही युवाओं की शरारतों के किस्से पोस्ट करने शुरू किए थे…अभी श्रृंखला जारी ही थी कि क्रिकेट में  विश्व कप की जीत और अन्ना हजारे के जन आन्दोलन जैसी महत्वपूर्ण घटनाएं घट गयीं…और सामयिक पोस्ट लिख डाला. … Continue reading

Posted in कॉलेज, फिल्म, ब्लैक, स्कूल, हॉस्टल | 29s टिप्पणियाँ

डोर को सुलझाने का यत्न….पर सिरा है कि मिलता नहीं

होली पास है…लोगो में उमंग और उत्साह है…वहीँ कुछ घर ऐसे हैं…जिनकी होली अब कभी भी पहले जैसी नहीं रहेगी. (जापान  पर आई प्राकृतिक आपदा तो सदियों तक मन दुखायेगी. पता नहीं कितने लोगो ने अपना  सब कुछ खो दिया … Continue reading

Posted in कॉलेज, मुंबई, स्कूल | 46s टिप्पणियाँ

कच्चे बखिए से रिश्ते (समापन किस्त )

(सरिता,अपनी सहेली के पति को अपने कॉलेज में ही लेक्चरर के पद पर नियुक्त करवाने में सहायता करती है. कुछ ही दिनों बाद उसकी सहेली की मृत्यु हो जाती है और उसके पति वीरेंद्र, कॉलेज में ज्यादातर समय ,सरिता के … Continue reading

Posted in इमेल, कॉलेज, डिबेट, फेस्टिवल | 76s टिप्पणियाँ

कच्चे बखिए से रिश्ते

( इस कहानी की शुरूआती पंक्तियाँ आपलोगों को कहीं पढ़ी हुई लगेंगी.  अब उस कविता से ये कहानी निकल कर आई या फिर इस कहानी से वो  कविता…ये निर्णय आप करें ) ताला खोल,थके कदमो से…घर के अंदर प्रवेश किया…बत्ती  … Continue reading

Posted in कॉफी, कॉलेज, प्रोफ़ेसर | 28s टिप्पणियाँ

आँखों का अनकहा सच

(ये  वो कहानी नहीं, जिसका जिक्र मैने अपनी पिछली पोस्ट  में  किया था….वो तो किस्तों वाली होगी…कुछ दिन चलेगी….यह भी थोड़ी लम्बी तो है..पर एक पोस्ट में ही समेट दिया है ) .दोनों बच्चे शोर कर रहें हैं…आपस में कुछ … Continue reading

Posted in एयरपोर्ट, कहानी, कॉलेज, स्कूल | 50s टिप्पणियाँ

आयम स्टिल वेटिंग फॉर यू, शची (लघु उपन्यास) — 10

(अभिषेक ,एक कस्बे में शची जैसी आवाज़ सुन पुरानी यादों में खो जाता है.शची नयी नयी कॉलेज में आई थी. शुरू में तो शची उसे अपनी विरोधी जान पड़ी थी पर धीरे धीरे वह उसकी तरफ आकर्षित हुआ. पर शची … Continue reading

Posted in कॉलेज, कोलकाता, क्रिकेट | 26s टिप्पणियाँ

आयम स्टिल वेटिंग फॉर यू, शची (लघु उपन्यास)– 8

(अभिषेक, एक पत्रिका में कोई रिपोर्ट लिखने के उद्देश्य से एक कस्बे में आता है.वहाँ उसे शची जैसी ही . आवाज़ सुनायी देती है और वह पुरानी यादों में खो जाता है कि शची नयी नयी कॉलेज में आई थी. … Continue reading

Posted in कॉलेज, गार्डेन | 28s टिप्पणियाँ

आयम स्टिल वेटिंग फॉर यू, शची (लघु उपन्यास) —4

(अभिषेक, एक पत्रिका में कोई रिपोर्ट लिखने के उद्देश्य से एक कस्बे में आता है.वहाँ एक दुकान पर उसे एक नारी कंठ सुनायी देता है.वह चेहरा नहीं देख पाता.उसे शची की आवाज़ लगती है और वह परेशान हो उठता है.अपने … Continue reading

Posted in कैंटीन, कॉलेज, बोटिंग | 25s टिप्पणियाँ

आयम स्टिल वेटिंग फॉर यू, शची (लघु उपन्यास) —3

(अभिषेक, एक पत्रिका में कोई रिपोर्ट लिखने के उद्देश्य से एक कस्बे में आता है. पर वहाँ की धीमी गति से गुजरते जन जीवन से एक दिन में ही बहुत ऊब जाता है. तभी एक दुकान पर उसे एक नारी … Continue reading

Posted in कॉलेज, फेस्टिवल, स्टुडेंट्स | 31s टिप्पणियाँ

आयम स्टिल वेटिंग फॉर यू, शची (लघु उपन्यास) —2

(अभिषेक, एक पत्रिका में कोई रिपोर्ट लिखने के उद्देश्य से एक कस्बे में आता है. पर वहाँ की धीमी गति से गुजरते जन जीवन से एक दिन में ही बहुत ऊब जाता है. तभी एक दुकान पर उसे एक नारी … Continue reading

Posted in कैंटीन, कॉलेज, स्टुडेंट्स | 30s टिप्पणियाँ