Category Archives: गुल्ली-डंडा

उदास आँखों में छुपी झुर्रियों की दास्तान (भाग -4)

(रात में बेटी के फोन की आवाज़ से वे जग जाती हैं,और पुराना जीवन याद करने लगती हैं.उनकी चार बेटियों  और दो बेटों से घर गुलज़ार रहता. पति गाँव के स्कूल में शिक्षक थे.बड़ी बेटी ममता की शादी ससुर जी … Continue reading

Posted in क्रिकेट, गाँव. कहानी. साइकिल, गुल्ली-डंडा | 43s टिप्पणियाँ