Category Archives: जावेद अख्तर

जावेद अख्तर की तरकश से एक और ख़ूबसूरत तीर

अब जबतक जावेद अख्तर की ‘तरकश’ मेरे पास रहेगी और दूसरे ब्लॉग पर कहानी चलती रहेगी आपलोगों  को उसमे की चुनिन्दा नज्में पढवाती रहूंगी मुअम्मा ( पहेली ) हम दोनों जो  हर्फ़  थे हम इक  रोज़ मिले इक लफ्ज़ बना … Continue reading

Posted in जावेद अख्तर | 40s टिप्पणियाँ

जावेद अख्तर की एक नज़्म

आजकल पाठक ही मुझसे एक कहानी लिखवाए जा रहें हैं….हाँ , सच…जिस  कहानी को दो कड़ियों में समेटने की सोची थी…पाठकों को इतनी अच्छी लग रही है कि मैं भी बस लिखती जा रही हूँ…पर उसकी वजह से इस ब्लॉग … Continue reading

Posted in जावेद अख्तर, तरकश | 25s टिप्पणियाँ

जावेद अख्तर की एक प्यारी सी नज़्म

, अक्सर मेरे एक  ब्लॉग का मूड  दूसरे ब्लॉग पर भी परिलक्षित होता है, ‘मन का पाखी’ पर  कहानी ने कुछ गंभीर मोड़ लिया तो बैलेंस करने को यहाँ कुछ  हल्का फुल्का लिखना पड़ा.यहाँ निरुपमा के बहाने लड़कियों के प्रति … Continue reading

Posted in जावेद अख्तर, नज़्म | 30s टिप्पणियाँ