Category Archives: पति

क्या सचमुच कहीं, कुछ बदला है ??

मेरी कहानी की  नई किस्त में  बाबूजी की  मृत्यु के बाद सजने संवारने का शौक रखनेवाली अम्मा जी का जीवन बिलकुल. बदल जाता है.शादी -ब्याह में भाग लेना,चूड़ियाँ,बिंदी, रंगीन कपड़े पहनना ..सब बंद हो जाता है. उस किस्त पर एक … Continue reading

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वक़्त का घूमता पहिया और ये पति परमेश्वर

पहली बार व्यंग्य -विधा को आजमाने की कोशिश की है और इसका श्रेय जाता है कुछ मित्रों को. सबसे पहले तो चंडीदत्त  शुक्ल जी ने कहा,आप व्यंग्य लिखने की भी कोशिश कीजिये. पर मैंने उनकी बात बिलकुल ही अनसुनी कर … Continue reading

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