Category Archives: पत्रिकाएं

जब आसमान कुछ ज्यादा करीब लगता था !!

पिछली पोस्ट में की पत्रिकाओं,आलेखों और पत्रों के जिक्र ने जैसे मुझे यादों की वादियों में धकेल दिया और अभी तक मैं उनमे ही भटक रही हूँ.कई लोगों ने मेरे छपे आलेखों के बारे में भी पूछा,सोचा आपलोगों को भी … Continue reading

Posted in कॉलेज, धर्मयुग, पत्र, पत्रिकाएं, साप्ताहिक हिन्दुस्तान | 38s टिप्पणियाँ

खाली नहीं रहा कभी, यादों का ये मकान

चुनाव के दौरान हुए अनुभवों वाली पोस्ट के बाद ही यह पोस्ट लिखने वाली थी पर कुछ समसामयिक विषय सामने आ गए और लिखना टलता गया.मेरे पिताजी, अगर अपने कार्यकाल के दौरान हुए अपने अनुभवों को लिखें तो शायद एक … Continue reading

Posted in पटना, पत्रिकाएं, फिल्में, हॉस्टल | 56s टिप्पणियाँ