Category Archives: मदर टेरेसा

रंजित विचारे : सिर्फ करूणा भरा दिल ही नहीं एक चौकस दृष्टि भी

एक सभ्य,शिक्षित,जागरूक नागरिक के मन में हमेशा यह भावना हिलोरे मारती रहती  है कि इस समाज ने, जो इतना कुछ उसे दिया है…कुछ उसका प्रतिदान कर जाए…लोगो की भलाई के लिए कुछ तो समाज-सेवा कर जाए. परन्तु अपने दैनंदिन कार्यो … Continue reading

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वक़्त की धूप में बेरंग होता ये मन…

पिछली ‘सिवकासी’ वाली पोस्ट पर बड़ी इमोशनल प्रतिक्रियाएँ मिलीं. सुखद अनुभूति हुई,जानकर कि इतने लोग हमखयाल हैं. मेरे बेटे को सबने बहुत आर्शीवाद और शुभकामनाएं दीं….सबका शुक्रिया. पर सारे बच्चे ऐसे ही होते हैं–निश्छल,निष्पाप, दूसरों के दुःख में दुखी हो … Continue reading

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