Category Archives: मुंबई

डोर को सुलझाने का यत्न….पर सिरा है कि मिलता नहीं

होली पास है…लोगो में उमंग और उत्साह है…वहीँ कुछ घर ऐसे हैं…जिनकी होली अब कभी भी पहले जैसी नहीं रहेगी. (जापान  पर आई प्राकृतिक आपदा तो सदियों तक मन दुखायेगी. पता नहीं कितने लोगो ने अपना  सब कुछ खो दिया … Continue reading

Posted in कॉलेज, मुंबई, स्कूल | 46s टिप्पणियाँ

‘इंदिरा शेट्टी’ की यादों में बसा….तालेगांव

एक शाम अपनी सहेली  इंदिरा शेट्टी के घर पर, हम सब चाय के लिए इकट्ठे हुए थे. पुट्टू…अप्पम…इश्टू, वडा साम्भर का स्वाद…इंदिरा के अनुभवों के खजाने में से निकलते यादों के मोतियों के आलोक में कुछ और बढ़ गया था. … Continue reading

Posted in तालेगांव, पुणे एक्सप्रेस हाइवे, बैंक मैनेजर, मुंबई | 36s टिप्पणियाँ

धोबी घाट : फिल्म या कैमरे द्वारा लिखी कोई कविता

{ धोबी-घाट फिल्म के ऊपर कई पोस्ट लिखी जा चुकी है….पर जब से यह फिल्म देखी है…इस पर कुछ  लिखने से खुद को नहीं रोक पायी…अब जिन्होंने ये फिल्म अब तक नहीं देखी और देखने का इरादा रखते हों …वे … Continue reading

Posted in आमिर खान, किरण राव, धोबी घाट, मुंबई | 39s टिप्पणियाँ

ऐसे बनायी जाती है, महाराष्ट्र में रंगोली

हमारे देश के करीब करीब सभी प्रान्तों में रंगोली बनायी जाती है.  बस इसे बनाने के तरीके और नाम अलग होते हैं..बंगाल में चावल को पीसकर उसके घोल से सुन्दर आकृतियाँ बनाए जाती हैं,जिनमे शंख, मछली, कलश आदि प्रमुख होते … Continue reading

Posted in दिवाली, महाराष्ट्र, मुंबई, रंगोली | 36s टिप्पणियाँ

आँखों ,जुबां और कानों पर पड़े तालों को खोलने की….एक गुजारिश.

मेरी एक  पोस्ट “प्लीज़ रिंग द बेल” पर काफी अच्छा विमर्श हुआ और करीब करीब हर पहलू से समस्या को देखने की कोशिश की सभी ने. जिनलोगों ने विमर्श में भाग नहीं भी लिया उनलोगों ने भी दुसरो को यह … Continue reading

Posted in घरेलू हिंसा, पुलिस, मुंबई | 45s टिप्पणियाँ

बहू और बेटी के बीच का घटता -बढ़ता फासला.

मेरी पिछली पोस्ट सबने बड़े ध्यान से पढ़ी. और काफी मनन करके अपने विचार रखे.सबका शुक्रिया. टिप्पणियों में भी देखा और आपसी चर्चा में भी कई बार लोग कह देते हैं , ‘बहू कभी बेटी नहीं बन सकती.’ जैसे इस … Continue reading

Posted in मुंबई, रिश्ता, लन्दन | 43s टिप्पणियाँ

गणपति बप्पा मोरया…

मुंबई आने से पहले ही, यहाँ के सबसे बड़े त्योहार गणेशोत्सव के बारे में काफी कुछ सुन रखा था. जब मुंबई आए तो हमने सोचा,जैसे उत्तर भारत में दीपावली के समय लक्ष्मी गणेश की मूर्ति लाते हैं और उसकी पूजा … Continue reading

Posted in गणपति, गणेशोत्सव, मुंबई | 41s टिप्पणियाँ

जंगल में मंगल

मुम्बई की बारिश तो मशहूर हो चली है. बाहर से आकर बसे लोग भी नही डरते तो यहाँ की आबोहवा में पले-बढे बच्चे क्या डरेंगे. मेरी बिल्डिंग में एक लड़का है जॉन मैथ्यू  . बहुत ही एडवेंचरस.आम मुम्बईया लड़कों से … Continue reading

Posted in नेशनल पार्क, बारिश, मुंबई | 30s टिप्पणियाँ

उदास आँखों में छुपी झुर्रियों की दास्तान (भाग -5)

(रात में बेटी के फोन की आवाज़ से जग कर वे,अपना  पुराना जीवन याद करने लगती हैं.उनकी चार बेटियों  और दो बेटों से घर गुलज़ार रहता. पति गाँव के स्कूल में शिक्षक थे.बड़ी बेटी ममता की शादी ससुर जी ने … Continue reading

Posted in गाँव, मुंबई, समंदर | 21s टिप्पणियाँ

प्यारी सी मुलाकात ‘शिखा वार्ष्णेय’ के साथ

यूँ तो शिखा से मिले एक महिना बीत गया. पर मैं इंतज़ार कर रही थी कि वो वापस लन्दन आकर ब्लॉग की दुनिया में लौटे तभी यह संस्मरण पेश करूँ. अभी लिखने बैठी तो लगा अरे..सब कुछ तो वैसा ही … Continue reading

Posted in मुंबई, लन्दन | 56s टिप्पणियाँ