Category Archives: रस्मो-रिवाज़

क्या सचमुच कहीं, कुछ बदला है ??

मेरी कहानी की  नई किस्त में  बाबूजी की  मृत्यु के बाद सजने संवारने का शौक रखनेवाली अम्मा जी का जीवन बिलकुल. बदल जाता है.शादी -ब्याह में भाग लेना,चूड़ियाँ,बिंदी, रंगीन कपड़े पहनना ..सब बंद हो जाता है. उस किस्त पर एक … Continue reading

Posted in औरतें, पति, रस्मो-रिवाज़ | 61s टिप्पणियाँ