Category Archives: लन्दन

बहू और बेटी के बीच का घटता -बढ़ता फासला.

मेरी पिछली पोस्ट सबने बड़े ध्यान से पढ़ी. और काफी मनन करके अपने विचार रखे.सबका शुक्रिया. टिप्पणियों में भी देखा और आपसी चर्चा में भी कई बार लोग कह देते हैं , ‘बहू कभी बेटी नहीं बन सकती.’ जैसे इस … Continue reading

Posted in मुंबई, रिश्ता, लन्दन | 43s टिप्पणियाँ

प्यारी सी मुलाकात ‘शिखा वार्ष्णेय’ के साथ

यूँ तो शिखा से मिले एक महिना बीत गया. पर मैं इंतज़ार कर रही थी कि वो वापस लन्दन आकर ब्लॉग की दुनिया में लौटे तभी यह संस्मरण पेश करूँ. अभी लिखने बैठी तो लगा अरे..सब कुछ तो वैसा ही … Continue reading

Posted in मुंबई, लन्दन | 56s टिप्पणियाँ

आयम स्टिल वेटिंग फॉर यू, शची (लघु उपन्यास) — 12

अभिषेक, किताबों में डूबने की पुरजोर कोशिश करता पर कहाँ मिल पाती कामयाबी? मन भटकता रहता और वह किताबें छोड़ कोई रेकॉर्ड  लगाने लगता. दो मिनट भी  नहीं सुनता कि खीझ होने लगती. सोचता छत पर टहलना ठीक रहेगा. पर … Continue reading

Posted in पत्रिका, लन्दन, लेखक | 25s टिप्पणियाँ