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एक यादगार नाटक : ‘बस इतना सा ख्वाब है’

शेफाली शाह और किरण करमाकर एक बहुत ही बेहतरीन नाटक देखने  का मौका मिला,“बस इतना सा ख्वाब है”. यह प्रशांत दलवी द्वारा लिखित मराठी नाटक ‘ध्यानीमणी’ का हिंदी अनुवाद है. करीब 15 साल  पहले मराठी में इसका मंचन बहुत मशहूर  … Continue reading

Posted in ध्यानीमणी, विपुल शाह, शेफाली शाह, हिंदी नाटक | 45s टिप्पणियाँ