Category Archives: शहर

कितने अजीब रिश्ते हैं यहाँ के…

यह शिखा की पोस्ट का एक्सटेंशन भर है. विदेशों में वृद्धों के अकेलेपन की बातें पढ़ ,अपने देश में वृद्धों की अवस्था का ख्याल आ गया. विदेशों में बच्चों के व्यस्क होते ही ,उनसे अपना घर अलग बनाने की अपेक्षा … Continue reading

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उदास आँखों में छुपी झुर्रियों की दास्तान (समापन किस्त )

(रात में बेटी के फोन की आवाज़ से जग कर वे,अपना  पुराना जीवन याद करने लगती हैं.उनकी चार बेटियों  और दो बेटों से घर गुलज़ार रहता. पति गाँव के स्कूल में शिक्षक थे. बड़ी दो बेटियों की शादी हो गयी … Continue reading

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उदास आँखों में छुपी झुर्रियों की दास्तान (भाग -13)

(रात में बेटी के फोन की आवाज़ से जग कर वे,अपना  पुराना जीवन याद करने लगती हैं.उनकी चार बेटियों  और दो बेटों से घर गुलज़ार रहता. पति गाँव के स्कूल में शिक्षक थे. बड़ी दो बेटियों की शादी हो गयी … Continue reading

Posted in एम.बी.ए., कहानी, गाँव, शहर | 17s टिप्पणियाँ

♫ उदास आँखों में छुपी झुर्रियों की दास्तान (भाग -6)

(रात में बेटी के फोन की आवाज़ से जग कर वे,अपना  पुराना जीवन याद करने लगती हैं.उनकी चार बेटियों  और दो बेटों से घर गुलज़ार रहता. पति गाँव के स्कूल में शिक्षक थे. दो बेटियों में से एक की शादी … Continue reading

Posted in खेत, गाँव, शहर, हॉस्टल | 28s टिप्पणियाँ