Category Archives: सिवकासी

ज़री बौर्डर पर काले धब्बे

जब सिवकासी में पटाखे बनाने वाले बाल-मजदूरों पर एक पोस्ट लिखी थी….उसके बाद ही ‘ज़री उद्योग’ में लगे  बच्चों के विषय में भी लिखने की इच्छा थी…खासकर इसलिए भी कि कई लोगों का बाल-श्रम के सन्दर्भ में कहना है कि … Continue reading

Posted in ज़री यूनिट, बाल श्रम, बाल-मजदूरों, सिवकासी | 50s टिप्पणियाँ

बारूद के ढेर में खोया बचपन

यह एक पुरानी  पोस्ट है जो पिछले साल दिवाली के पहले पोस्ट की  थी.इसे पढ़…विजय कुमार सप्पति इतने व्यथित हो गए थे कि उन्होंने मदुरै  में अपने दोस्तों से इसकी जानकारी ली. और कई पत्रिकाओं,अखबारों को फोन कर डाले, इसे … Continue reading

Posted in दीवाली, पटाखे, सिवकासी | 71s टिप्पणियाँ

बारूद की ढेर में खोया बचपन

दीवाली बस दस्तक देने ही वाली है.सबकी तरह हमारी भी शौपिंग लिस्ट तैयार है.पर एक चीज़ कुछ बरस पहले हमारी लिस्ट से गायब हो चुकी है और वह है–’पटाखे’. मेरे बेटे को भी हर बच्चे की तरह पटाखे का बहुत … Continue reading

Posted in दीवाली, पटाखे, बालमजदूर, सिवकासी | 20s टिप्पणियाँ