Category Archives: स्कूल

अब प्रस्तुत है मेरे और अरशद अली के कुछ शरारती कारनामे

फर्स्ट अप्रैल  से ही युवाओं की शरारतों के किस्से पोस्ट करने शुरू किए थे…अभी श्रृंखला जारी ही थी कि क्रिकेट में  विश्व कप की जीत और अन्ना हजारे के जन आन्दोलन जैसी महत्वपूर्ण घटनाएं घट गयीं…और सामयिक पोस्ट लिख डाला. … Continue reading

Posted in कॉलेज, फिल्म, ब्लैक, स्कूल, हॉस्टल | 29s टिप्पणियाँ

डोर को सुलझाने का यत्न….पर सिरा है कि मिलता नहीं

होली पास है…लोगो में उमंग और उत्साह है…वहीँ कुछ घर ऐसे हैं…जिनकी होली अब कभी भी पहले जैसी नहीं रहेगी. (जापान  पर आई प्राकृतिक आपदा तो सदियों तक मन दुखायेगी. पता नहीं कितने लोगो ने अपना  सब कुछ खो दिया … Continue reading

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चुभन, टूटते सपनो के किरचों की ( कहानी –समापन किस्त )

आर्यन के टेस्ट चल रहें हैं..सुबह से उसे पोएम रटवा कर परेशान. अब शरारत से या सचमुच पर हर  बार वो एक लाइन गलत बोल जाता. वो डाँटती तो , कभी मुहँ फुला लेता…और कभी अड़ के बैठ जाता…अब पोएम … Continue reading

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आँखों का अनकहा सच

(ये  वो कहानी नहीं, जिसका जिक्र मैने अपनी पिछली पोस्ट  में  किया था….वो तो किस्तों वाली होगी…कुछ दिन चलेगी….यह भी थोड़ी लम्बी तो है..पर एक पोस्ट में ही समेट दिया है ) .दोनों बच्चे शोर कर रहें हैं…आपस में कुछ … Continue reading

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और वो चला गया,बिना मुड़े…

दो दिनों की लगातार बारिश के बाद चैंधियाती धूप निखरी थी सफेद कमीज और लाल निक्कर में सजे छोटे-छोटे बच्चों की चहचहाहट से मैंदान गूंज रहा था। अपने केबिन में बैठे इन सबकी प्यारी-प्यारी उछलकूद देखना बड़ा ही भला गल … Continue reading

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कैसा है, हमारे खिलाड़ियों का खान पान ??

एक बार लगातार चार दिन,मुझे एक ऑफिस में जाना पड़ा.वहां मैंने गौर किया कि एक लड़का ‘लंच टाईम’ में भी अपने कंप्यूटर पर बैठा काम करता रहता है, लंच के लिए नहीं जाता.तीसरे दिन मैंने उस से वजह पूछ ही … Continue reading

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सचिन के गीले पौकेट और तीस हज़ार रन

‘जीवन में खेल का महत्व’ इस विषय पर हम सबने अपने स्कूली जीवन में कभी ना कभी एक लेख लिखा ही होगा.पर बड़े होने पर हम क्या इस पर अमल कर पाते हैं?अपने बच्चों को ‘खेल’ एक कैरियर के रूप … Continue reading

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