Category Archives: हॉस्टल

सुबह की सैर के बहाने

कुछ दिनों पहले प्रवीण पाण्डेय जी ने और अजित गुप्ता जी ने अपने प्रातः भ्रमण पर एक पोस्ट लिखी थी…इसके काफी पहले से ही मैं भी मय-तस्वीरों के एक पोस्ट लिखनेवाली थी….पर बस, टलता ही रहा..कुछ महीनो से पता नहीं कैसी व्यस्तता … Continue reading

Posted in प्रातः भ्रमण, मेजर अंकल, हॉस्टल | 64s टिप्पणियाँ

खाली नहीं रहा कभी, यादों का ये मकान

(सोचा था….इस ब्लॉग से एक ब्रेक लेकर…दूसरे ब्लॉग पर कहानी लिखना शुरू करुँगी…अब मेहमानों के आवागमन ने ब्रेक तो दिला दिया…पर नया कुछ लिखने का वक्त नहीं मिल रहा (ना ही पढ़ने का…साथी ब्लॉगर्स माफ़ करेंगे/करेंगी ,…काफी कुछ जमा हो … Continue reading

Posted in पटना, संस्मरण, हॉस्टल | 44s टिप्पणियाँ

अब प्रस्तुत है मेरे और अरशद अली के कुछ शरारती कारनामे

फर्स्ट अप्रैल  से ही युवाओं की शरारतों के किस्से पोस्ट करने शुरू किए थे…अभी श्रृंखला जारी ही थी कि क्रिकेट में  विश्व कप की जीत और अन्ना हजारे के जन आन्दोलन जैसी महत्वपूर्ण घटनाएं घट गयीं…और सामयिक पोस्ट लिख डाला. … Continue reading

Posted in कॉलेज, फिल्म, ब्लैक, स्कूल, हॉस्टल | 29s टिप्पणियाँ

कुछ युवा ब्लॉगर्स की शैतानियों का कच्चा चिट्ठा

जब बाल-दिवस पर एक परिचर्चा आयोजित की  थी “दिल तो बच्चा है जी….” जिसमे हमउम्र  ब्लॉगर्स ने अपनी शरारतों के किस्से शेयर किए थे…उस वक्त कुछ युवा ब्लॉगर्स ने शिकायत की थी कि ‘हमें अपने अनुभव बांटने का अवसर क्यूँ … Continue reading

Posted in अप्रैल फूल, ब्लॉगर, लड्डू, हॉस्टल | 33s टिप्पणियाँ

होली के रंग,गाँव की सोंधी मिटटी के संग

कल एक पोस्ट डाली  थी…’रोडीज ‘ के ऑडिशन में आये एक लड़के की करुण कथा…और उसके जीवट की…पर अब पता चला…वो सारी कहानी  मनगढ़ंत थी…कोटिशः धन्यवाद … अभिषेक और मीनाक्षी जी का जिनलोगों ने कुछ  लिंक देकर उसकी असलियत  बतायी….दरअसल मेरे बेटे ने भी … Continue reading

Posted in गाँव, बच्चे, हॉस्टल, होली | 33s टिप्पणियाँ

♫ उदास आँखों में छुपी झुर्रियों की दास्तान (भाग -6)

(रात में बेटी के फोन की आवाज़ से जग कर वे,अपना  पुराना जीवन याद करने लगती हैं.उनकी चार बेटियों  और दो बेटों से घर गुलज़ार रहता. पति गाँव के स्कूल में शिक्षक थे. दो बेटियों में से एक की शादी … Continue reading

Posted in खेत, गाँव, शहर, हॉस्टल | 28s टिप्पणियाँ

होली के रंग,गाँव की सोंधी मिटटी के संग

कल एक पोस्ट डाली  थी…’रोडीज ‘ के ऑडिशन में आये एक लड़के की करुण कथा…और उसके जीवट की…पर अब पता चला…वो सारी कहानी  मनगढ़ंत थी…कोटिशः धन्यवाद … अभिषेक और मीनाक्षी जी का जिनलोगों ने कुछ  लिंक देकर उसकी असलियत  बतायी….दरअसल … Continue reading

Posted in गाँव, बच्चे, हॉस्टल, होली | 25s टिप्पणियाँ

खाली नहीं रहा कभी, यादों का ये मकान

चुनाव के दौरान हुए अनुभवों वाली पोस्ट के बाद ही यह पोस्ट लिखने वाली थी पर कुछ समसामयिक विषय सामने आ गए और लिखना टलता गया.मेरे पिताजी, अगर अपने कार्यकाल के दौरान हुए अपने अनुभवों को लिखें तो शायद एक … Continue reading

Posted in पटना, पत्रिकाएं, फिल्में, हॉस्टल | 56s टिप्पणियाँ