Category Archives: Uncategorized

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Uncategorized में प्रकाशित किया गया | 1 टिप्पणी

दो वर्ष पूरा होने की ख़ुशी ज्यादा या गम….

२३ सितम्बर को इस ब्लॉग के दो साल हो गए. पर इस बात की ख़ुशी नहीं बल्कि अपराधबोध से मन बोझिल है.  पिछले साल इस ब्लॉग पर सिर्फ दो लम्बी कहानियाँ और एक किस्त,वाली बस एक कहानी लिखी. जबकि sept 2009 -sept 2010  के अंतराल … पढना जारी रखे

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खेलप्रेमियों का नया चहेता : युवराज वाल्मीकि

इस पोस्ट को कुछ दिनों पहले ही लिखना था..पर अनेकानेक कारणों से वक़्त नहीं मिला…पर देर से ही सही इसे लिखने की तमन्ना जरूर थी. इंग्लैण्ड के हाथों भारतीय क्रिकेट टीम को मिली करारी हार ने खेल प्रेमियों को व्यथित कर … पढना जारी रखे

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ज़िन्दगी एक मिस्ले सफ़र है ..

कल सलिल वर्मा जी के ब्लॉग पर उनका, उनकी बिटिया द्वारा लिया गया ख़ूबसूरत साक्षात्कार पढ़ा….और मुझे कुछ याद आया…कि मेरे ब्लॉगजगत में आने के कुछ ही दिनों बाद….कुलवंत हैपी जी ने अपने ब्लॉग पर एक श्रृंखला शुरू की थी…जिसमे वे … पढना जारी रखे

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पीक आवर्स" में मुंबई लोकल ट्रेन में यात्रा

(गणपति उत्सव की गहमागहमी और आकाशवाणी के तकाजों ने कुछ इतना व्यस्त कर रखा है कि ब्लॉगजगत में कुछ लिखने-पढने का समय ही नहीं मिल पा रहा…और आकाशवाणी ने याद दिला दी इस पोस्ट की जिसे दो वर्ष पहले’ मन … पढना जारी रखे

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हाथों की लकीरों सी उलझी जिंदगी (समापन किस्त)

(नाव्या का एक्सीडेंट हो जाता है…रितेश उसे हॉस्पिटल लेकर आता है…हॉस्पिटल में जिंदादिल डा. समीर से उसकी मुलाक़ात होती है)  सीनियर डॉक्टर राउंड पर आते और वो आस लगाए बैठी होती..शायद उसे       छुट्टी दे दें….लेकिन उसका डिस्चार्ज होना … पढना जारी रखे

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खाया-पिया ..अघाया मध्य वर्ग

इस जन आन्दोलन में कुछ जुमले बहुत उछले कि ये आन्दोलन,खाए-पिए-अघाए लोगो का है….मध्य वर्गीय लोगो का है. सर्वप्रथम अगर ये वर्ग अघाया हुआ है तो इसे  किसी आन्दोलन को समर्थन देने की क्या जरूरत है? धूप-बारिश में सड़कें नापने की … पढना जारी रखे

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